आज के समाज में किसी के भी पास इतना भी समय नहीं है की वो खुद के लिए या फिर अपने परिवार के लिए थोडा सा समय निकल कर कुछ आनंद के पल बिता सके| काश वो पुराने दिन लौट आते जब हमें किसी की भी परवाह नहीं रहती थी बस खेलना और खेलना और कुछ भी नहीं |
शायद इसीलिए ये गाना भी बना है की.....
कोई लौटा दे वो प्यारे प्यारे दिन.......................
शायद इसीलिए ये गाना भी बना है की.....
कोई लौटा दे वो प्यारे प्यारे दिन.......................
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