“सन्यास लेने का सही वक्त है -
वी.वी.एस लछमण “
कई दिनों के खराब प्रदर्शन के बाद
अब वी.वी.एस लछमण ने भारतीय क्रिकेट टीम से सन्यास लेने का फैसला किया है | इससे
पहले २३ अगस्त से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाले दो घरेलु टेस्ट क्रिकेट
सिरीज़ के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था | जब से बी.सी.सी.आई. ने अपना यह
फैसला सुनाया हैं उसके तुरंत बाद ही आलोचकों ने लछमण के खिलाफ अपने कड़े तेवर को
दिखाना शुरू कर दिया | लोगो का कहना है की वी.वी.एस लछमण अब ३७ वर्ष के हो गए
है,अब वो खेलने लायक नहीं रहे और वो नए युवा खिलाडियों के भविष्य के लिए बाधक बन
रहे है, शायद लोग वी.वी.एस लछमण को बुढा मानने लगे है पर वो ये नहीं जानते की
वी.वी.एस लछमण ही है जिसने तीन टेस्ट सीरीज में ५०० से ज्यादा रन बनाकर पहले
भारतीय बल्लेबाज का ख़िताब अपने नाम किया है और साथ ही फलोऑन के बाद शतक बनाने वाले
दो भारतीयों में से एक है |
अभी तक उम्मीद जताई
जा रही थी की वी.वी.एस लछमण न्यूजीलैंड सिरीज़ के बाद ही सन्यास लेंगे लेकिन उनके
अचानक इस फैसले ने सभी को हैरत में दाल दिया है | वन डे क्रिकेट से तो उन्होंने
पहले ही सन्यास ले लिया है और अब टेस्ट क्रिकेट को भी छोडकर जाने का उनका ये फैसला
सबके लिए हैरानी की बात है | वी.वी.एस लछमण के सन्यास की घोषणा की बात से तो ज़ाहिर
है की अब उनके क्रिकेट प्रमियो को कभी भी वी.वी.एस लछमण के बल्ले का जादू देखने को
नहीं मिलेगा |
जब से वी.वी.एस
लछमण ने सन्यास लेने का फैसला किया है तब से उनके चाहनेवाले काफी दुखीः हो गए है
और हो भी क्यों ना जब वी.वी.एस लछमण का चयन न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जाने वाले
टेस्ट सिरीज़ में हो गया था तो अचानक उनके सन्यास लेने का फैसला कुछ ठीक नहीं लगता
है कही ऐसा तो नहीं की उनके ऊपर टीम से सन्यास लेने के लिए दबाव बनाया गया हो, अगर
ऐसा कुछ है तो उनको बताना चाहिए की कौन है जो उनके उपर दबाव बना रहा है | लेकिन
वी.वी.एस लछमण खामोश है |
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